'पाक जेलों से भारतीय कैदियों की रिहाई के लिए क्या कदम उठा रही सरकार'
अदालत ने पिछले सप्ताह 13 कैदियों की रिहाई के मुद्दे पर सरकार को नोटिस जारी किया था। इन कैदियों में सरबजीत सिंह भी शामिल है जिसे पाकिस्तान के लाहौर में 1990 में हुए बम विस्फोट मामले में मौत की सजा सुनाई गई है।
इस मुद्दे पर गुजरात स्थित मानव अधिकार कार्यकर्ता मदनगोपाल खुशीराम ने याचिका दायर किया था। खुशीराम ने दावा किया है कि ये लोग जासूसी के आरोप में पिछले 25 वर्षो से पाकिस्तान की जेल में बंद हैं लेकिन सरकार ने इनकी त्वरित रिहाई के लिए कोई प्रयास नहीं किया।
न्यायाधीश एस. रवींद्र भट ने इस मामले में विदेश मंत्रालय को नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।
अदालत ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से भी जवाब मांगा है। आयोग ने पूर्व में सरकार से इन कैदियों की त्वरित रिहाई के लिए कहा था।
मदनगोपाल ने अदालत में 16 कैदियों की सूची सौंपी है जिसमें से तीन कैदियों को रिहा किया जा चुका है। रिहा किए गए लोगों में कश्मीर सिंह, चमन सिंह और परवेज अहमद शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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