रियल्टी सेक्टर को उद्योग का दर्जा देने की वकालत
सीआईआई ने एक लिखित बयान में कहा है, "सीमेंट, स्टील, ईंट, लकड़ी, बिल्डिंग मैटेरियल सहित 250 से अधिक उद्योगों से जुड़े होने के कारण रियल एस्टेट और आवास सेक्टर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।"
रिपोर्ट में कहा गया है, "ये सेक्टर अव्यावहारिक नीतियों और करों के दायरे में संचालित हो रहे हैं, जिसका परिणाम यह है कि इसके विकास की पूरी क्षमता का उपयोग नहीं हो पाता है।"
इन सेक्टरों को उद्योग का दर्जा दिए जाने से अर्थव्यवस्था के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी लाभ होगा। इनमें निवेश बढ़ने के साथ-साथ कारपोरेट कल्चर का विकास होगा।
उद्योग का दर्जा मिलने के बाद इस सेक्टर को प्रतियोगी ब्याज दर पर बैंक से ऋण हासिल हो सकेगा जो वर्तमान में 'हाई रिस्क दर' के अंतर्गत आता है।
रिपोर्ट के मुताबिक देश में रियल एस्टेट की कीमतें ज्यादा होने का एक प्रमुख कारण ऋण पर होने वाला खर्च है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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