..और मध्य प्रदेश के रतलाम में जीत गई जिन्दगी
घटना शनिवार की रात रतलाम से आठ किलोमीटर दूर की है, जहां एक ट्रेक्टर को बचाने की कोशिश में यात्रियों से भरी बस हादसे का शिकार हो गई। औद्योगिक क्षेत्र थाने में हुई इस दुर्घटना में चालक के ठीक पीछे बैठे शान्तिलाल के पेट को आरपार करता हुआ 12 फुट लंबा एंगल घुस गया। एंगल घुसने के बाद शान्तिलाल की हालत बिगड़ने लगी। जिला चिकित्सालय पहुंचने के बाद यह तय नहीं हो पा रहा था कि शान्तिलाल का ऑपरेशन रतलाम में किया जाए अथवा इंदौर भेजा जाए। इसके पीछे वजह यह थी कि जिला चिकित्सालय में उन उपकरणों की अनुपलब्धता थी जो बड़े ऑपरेशन के लिए जरूरी होते हैं। वहीं दूसरी तरफ सवाल यह भी उठ रहा था कि इंदौर तक की पांच घंटे की यात्रा शान्तिलाल को कैसे कराई जाए।
जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डा. पुष्पेन्द्र शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि आखिर में तय किया गया कि शान्तिलाल का ऑपरेशन रतलाम में ही किया जाए। 12 चिकित्सकों के दल ने शान्तिलाल का ऑपरेशन किया। लगभग दो घंटे तक चला ऑपरेशन सफल रहा। इस तरह जिन्दगी ने मौत को मात देकर जीत हासिल कर ली। ऑपरेशन के बाद अब शान्तिलाल पहले से बेहतर हैं। उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है। चिकित्सकों के मुताबिक उनकी स्थिति में और सुधार आने में एक सप्ताह का वक्त लगेगा। डा. शर्मा ने बताया कि शान्तिलाल के शरीर में एंगल दाई ओर से घुसकर बाई ओर से निकल गया था इससे उसके कई अंग क्षतिग्रस्त हुए थे जिन्हें दुरूस्त कर उसकी जान बचा ली गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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