नालंदा विश्वविद्यालय के विकास में आर्थिक मंदी एक बाधा : अमर्त्य सेन
कोलकाता, 1 मार्च (आईएएनएस)। नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन ने कहा है कि वैश्विक आर्थिक संकट के कारण विश्व विख्यात नालंदा विश्वविद्यालय के उद्धार में कठिनाइयां सामने आ रही हैं।
आईएएनएस से बातचीत में सेन से जब यह पूछा गया कि क्या 50 अरब रुपये की परियोजना पर आर्थिक संकट का असर पड़ेगा तो उन्होंने कहा, "परियोजना के लिए धन इकट्ठा करने का यह बहुत उचित समय नहीं है।"
उन्होंने कहा, "अभी हमलोगों को कोष इकट्ठा के लिए अभियान शुरू करना है।"
सेन बिहार के नालंदा जिले में बौद्ध शिक्षण केंद्र को एक विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए बनाए गए नालंदा संरक्षण समूह के प्रमुख हैं।
वर्ष 1998 में नोबल पुरस्कार जीतने वाले सेन ने कहा कि कोष इकट्ठा करने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले अभी कुछ आधिकारिक प्रक्रियाओं को पूरा करना है।
उन्होंने कहा, "सबसे पहले, नालंदा संरक्षण समूह पांचवें एशियन स्कॉलर समिट (ईएएस) में अपनी रिपोर्ट पेश करेगा। उसके बाद सरकार को ईएएस के सदस्य देशों से एक समझौता करना होगा। संसद को एक कानून बनानी पड़ेगी जो विश्वविद्यालय को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा दे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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