माओवादियों ने रेलवे स्टेशन उड़ाया

माओवादियों ने पश्चिमी उड़ीसा के भालुलता रेलवे स्टेशन को उड़ाया, जबकि राउरकेला के नज़दीक स्थित चाँदीपोश रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर एसके सिंह और उनके सहायक समीर मुखर्जी का अपहरण कर लिया है.
चाँदीपोश रलवे स्टेशन पर लगभग 50 माओवादियों ने हमला किया.
राउरकेला के पुलिस अधिक्षक डॉक्टर संतोष बाला ने बीबीसी को फ़ोन पर बताया कि रेलवे अधिकरियों के अपहरण के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
ख़ासा नुकसान हुआ
लगभग 50 माओवादी ने, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, भालुलता रलवे स्टेशन पर तड़के धावा बोला और शक्तिशाली विस्फोटक का इस्तेमाल किया रेल अधिकारी सीएस मोहनती
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माओवादियों ने भालुलता रेलवे स्टेशन पर हमला शनिवार तड़के किया.
ग़ौरतलब है कि ये हमला माओवादियों की तरफ़ से पाँच राज्यों में बंद के शुरू होने से पहले किया गया.
माओवादियों ने जिन पाँच राज्यों में बंद का आह्वान किया है उनमें उड़ीसा भी शामिल है.
माओवादियों ने राउरकेला और झरगुडा में अपने कार्यकर्ताओं की हिरासत के ख़िलाफ़ 24 घंटे के बंद की घोषणा की है.
बिसरा पुलिस थाना के अधिकारी सीएस मोहनती ने बताया, "लगभग 50 माओवादी नें, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, भालुलता रलवे स्टेशन पर तड़के धावा बोला और शक्तिशाली विस्फोटक का इस्तेमाल किया."
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेलवे स्टेशन को ज़बर्दस्त नुक़सान पहुंचा है.
दक्षिण-पूर्वी रेवले के प्रवक्ता का कहना है कि माओवादी हमले से संचार, सिग्नलिंग और लाइन-क्लियर करने वाले उपकरणों को नुक़सान पहुँचा है लेकिन ट्रैक को कोई नुक़सान नहीं पहुँचा.
भालुलता के स्टेशन मास्टर ए जोजा का कहना था, "माओवादी लाल-सलाम के नारे लगा रहे थे, हममें से तीन को बंदूक़ की नोक पर नज़दीक के गाँव ले गए. जिसके बाद हमने ज़ोर दार धमाके की आवाज़ सुनी."
उनका कहना था, "माओवादियों ने हम लोगों को कोई नुक़सान नहीं पहुंचाया और धमाका करके चले गए." उड़ीसा के कई ज़िले माओवादी हिंसा से प्रभावित हैं.


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