मणिपुर में 3 विद्रोही मारे गए, असम में 43 ने किया आत्म-समर्पण (लीड-1)
पुलिस अधिकारी ए. सिंह ने बताया कि मणिपुर की राजधानी इम्फाल से 20 किलोमीटर दूर लामलोंग गांव में प्रतिबंधित कांग्लीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) के दो विद्रोही असम राइफल्स के सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में मारे गए।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि विद्रोहियों के पास से एक पिस्तौल और दो ग्रेनेड बरामद किए गए।
इसी गांव से लगते एक अन्य गांव में हुई गोलीबारी में पुलिस कमांडो ने एक अन्य विद्रोही को मार गिराया।
मणिपुर में मेती समुदाय के लिए अलग क्षेत्र की मांग के लिए केसीपी ने विद्रोह छेड़ रखा है। म्यांमार की सीमा से लगे मणिपुर राज्य में 19 विद्रोही समूह हैं।
इस बीच असम में प्रतिबंधित संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट आफ असोम (उल्फा) के 32 वरिष्ठ नेताओं ने सैन्य प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इसके अलावा 11 अन्य विद्रोहियों ने भी समर्पण किया।
गुवाहाटी से 70 किलोमीटर दूर सेना के शिविर रंगिया में विद्रोहियों ने आत्मसमर्पण किया। विद्रोहियों ने बड़ी संख्या में हथियार और विस्फोटक भी सेना को सौंप दिए।
उल्फा असम में वर्ष 1979 से 'स्वतंत्रता' के लिए संघर्ष कर रहा है।
असम और मणिपुर में पिछले दो दशक में विद्रोहियों के संघर्ष में 20 हजार से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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