क्या इरोम शर्मिला तोड़ेंगी 9 वषों की भूख हड़ताल या जेल में ही रहेंगी?
इम्फाल, 28 फरवरी (आईएएनएस)। आगामी सात मार्च को यह फैसला होना है कि मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला पिछले नौ वर्षो से जारी अपनी भूख हड़ताल तोड़ेंगीं या फिर हिरासत में ही रहेंगीं क्योंकि इसी दिन उनकी न्यायिक हिरासत की मियाद पूरी हो रही है।
उल्लेखनीय शर्मिला वर्ष 2000 से मणिपुर में सुरक्षाबलों द्वारा कथित तौर मानवाधिकारों के उल्लंघन के विरोध में भूख हड़ताल पर हैं। यही नहीं उसी समय से वह जेल में भी हैं। पिछले नौ वर्षो से ही इंजेक्शन के जरिए उनके स्वास्थ्य को स्थिर रखा जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता टी. सिंह का कहना है, "शर्मिला निश्चित तौर पर अपनी भूख हड़ताल को जारी रखेंगी जैसा कि वह अतीत में करती रही हैं।"
पिछले वर्ष अदालत ने शर्मिला को रिहा किया था लेकिन वह जेल से छूटने के बाद अगले दिन ही फिर से भूख हड़ताल पर बैठ गईं। इसके बाद उन्हें फिर से आत्महत्या की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
गौरतलब है कि शर्मिला को 'मणिपुर की आयरन लेडी' के नाम से जाना जाता है। उन्होंने मणिपुर में सेना के लिए लागू (विशेषाधिकार) अधिनियम (आफ्सपा) और इसी कानून की आड़ में सैनिकों द्वारा कथित तौर किए जा रहे मानवाधिकार हनन के विरोध में दो नवंबर, 2000 को भूख हड़ताल शुरू की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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