एक बांग्लादेशी सैनिक ने साथी का खून अपने चेहरे पर लगाकर जान बचाई!

स्थानीय समाचार पत्र 'द डेली स्टार' के मुताबिक जब अर्धसैनिक बल के जवानों ने सेना के अधिकारियों पर धावा बोला तो मुनीर अपने वरिष्ठ साथी मकसूद के साथ शौचालय में थे। बीडीआर के विद्रोही जवानों ने मकसूद पर अंधाधुंध फायरिंग की और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ऐसे में मुनीर ने जमीन पर फैले मकसूद के खून से खुद की जान बचाई।

अखबार के साथ बातचीत में मुनीर ने कहा, "मकसूद सर के बदन से निकले खून को मैंने अपने हाथों और चेहरे पर लगा लिया और मुर्दा बनकर वहीं लेट गया। इस तरह मैंने अपनी जान बचाई।"

गौरतलब है कि बीडीआर के जवानों ने बुधवार को कम वेतन और कामकाज के खराब माहौल को लेकर बगावत कर दी थी। विद्रोह में 80 से अधिक लोग मारे गए थे जिनमें ज्यादातर सेना के अधिकारी थे। बीडीआर के सुरक्षाकर्मियों ने दो दिनों के विद्रोह के बाद गुरुवार शाम आत्मसमर्पण कर दिया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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