'अधिकतर सैनिकों की 2010 तक वापसी'

इस योजना के तहत इराक़ में अमरीकी सैनिकों की संख्या एक लाख 42 हज़ार से घटकर अगस्त 2010 तक 50 हज़ार रह जाएगी.
राष्ट्रपति ओबामा का कहना है कि इतने सैनाक इराक़ी सेनाओं को सलाह देने और अमरीकी हितों की रक्षा करने के लिए ज़रूरी हैं.
राष्ट्रपति ओबामा ने शुक्रवार को इस बारे में अपनी रणनीति की घोषणा करने से पहले रिपब्लिकन और डेमोक्रिटेक पार्टी के नेताओं को इस बारे में जानकारी देते वक्त ये विचार व्यक्त किए.
'हिंसा बढ़ी तो पुनर्विचार'
डेमोक्रेटिक पार्टी से चुनी गईं प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने कहा कि 50 हज़ार सैनिकों की रिज़र्व सेना भी ख़ासी बड़ी है और इसका स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए.
राष्ट्रपति ओबामा ने जिन नेताओं को जानकारी दी उनमें वरिष्ठ रिपब्लिकन नेता जॉन मैक्कह्यूग भी थे.
उनका कहना था कि राष्ट्रपति ओबामा ने ये आश्वासन दिया कि यदि इराक़ में हिंसा बढ़ती है तो इस रणनीति पर दोबारा विचार किया जाएगा.
अपने चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रपति ओबामा ने वादा किया था कि उनका कार्यकाल शुरु होने के 16 महीने के भातर इराक़ से अमरीकी सैनिकों की वापसी हो जाएगी.
ग़ौरतलब है कि फ़रवरी की शुरुआत में उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में 17 हज़ार अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया था.
उन्होंने कहा था कि इन सैनिकों को इराक़ भेजा जाना था लेकिन अत्यंत ज़रूरी सुरक्षा कारण से इन्हें अफ़ग़ानिस्तान भेजा जा रहा है.


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