'प्रदर्शनों को देखते हुए श्रीनगर में कर्फ़्यू'

श्रीनगर के दूसरे इलाक़ो में भी बंद का माहौल है, जबकि घाटी के दूसरे शहरों जैसे अनंतनाग, बारामूला और सोपोर में भी बंद देखा जा रहा है.
अलगाववादी नेताओं ने आम लोगों से आह्वान किया है कि जुमे की नमाज़ के बाद वे शहर की गलियों में भारत विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लें.
पिछले हफ़्ते सोपोर ज़िले में सेना की कथित फ़ायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई थी, जिसके विरोध में स्थानीय लोगों ने ज़बर्दस्त प्रदर्शन किया था और तब से ही घाटी में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.
अधिकारियों ने प्रदर्शनों को देखते हुए पुराने श्रीनगर में बड़ी संख्या में सेना और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया है.
सुरक्षा बलों ने जगह-जगह पर बैरिकेड डाल रखे हैं ताकि पुराने इलाक़ों में जाने वाले लोगों को रोका जा सके.
निजी वाहनों के जाने पर पूरी तरह से पाबंदी है जबकि पैदल यात्रियों को भी सड़क पर नहीं चलने दिया जा रहा है. पुराने शहर में सड़कें सुनसान हैं.
अलगाववादी संगठन हुरियत कॉंफ़्रेंस के नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ को उनके घर में नज़रबंद रखा गया है.
मीरवाइज़ श्रीनगर की जामा मस्जिद के इमाम भी हैं और वो हर जुमे की नमाज़ में लोगों को संबोधित करते हैं.


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