क्लिंटन ने कहा-हमारे लक्ष्य और खतरे एक

अमरीका, अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सहमति बनी है कि वे चरमपंथ से निपटने के लिए समय-समय पर त्रिपक्षीय वार्ता करते रहेंगे. वॉशिंगटन में तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की तीन दिनों तक चली बैठक के बाद इस पर सहमति बनी है.
अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा दक्षिण एशिया और अफ़ग़ानिस्तान के लिए अपनी नीति की समीक्षा कर रहे हैं और तीनों विदेश मंत्रियों की बैठक को इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है.
अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि तीनों देशों का एक लक्ष्य है, एक ख़तरा है और एक चुनौती है.
बैठक के बाद क्लिंटन का कहना था कि अमरीका अपने दोस्तों के साथ किए गए वादे निभाने के लिए प्रतिबद्ध है.
अफ़ग़ान प्रतिनिधिमंडल ने देश के पुनर्निमाण के लिए और सहायता देने की माँग की.
वहीं पाकिस्तान ने अपनी सरज़मीं पर हो रहे ड्रोन हमलों को बंद करने की बात कही.
त्रिपक्षीय वार्ता से संकेत मिलता है कि ओबामा प्रशासन अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान में अस्थिरता ख़त्म करने के लिए संजीदा है.
पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में अमरीकी नीति प्रशासन के भीतर के अंतर्विरोधों और काबुल और इस्लामाबाद दूतावासों के बीच बेहतर समन्वय के अभाव का शिकार रही है.
हिलेरी क्लिंटन ने विदेश मंत्री बनते ही पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान के लिए रिचर्ड होलब्रुक को विशेष दूत नियुक्त कर दिया.


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