रिश्वत कांड में भारतीय आभूषण कारोबारी और अमेरिकी राजनयिक दोषी करार
इस राजनयिक पर भारतीय कारोबारी की आभूषण कंपनी के लिए 21 वीजा जारी करने के मामले में कई प्रावधानों की अनदेखी करने का आरोप है। अदालत में पेश अभियोग पत्र के मुताबिक न्यूयार्क स्थित आभूषण कंपनी एसटीएस जेवेल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील अग्रवाल ने टोरंटो में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के गैर-आव्रजन वीजा विभाग के उप प्रमुख माइक ओ'कीफी को कंपनी के कर्मचारियों के नाम 21 वीजा जल्द से जल्द जारी करवाने के लिए न सिर्फ रिश्वत में मोटी रकम और कीमती अंगूठियां और अन्य कई उपहार दिए, बल्कि उनकी सेवा में दो नृत्यांगनाओं को भी पेश कर दिया।
अग्रवाल ने कानूनी राहत के लिए अदालत को सच बताने का फैसला कर लिया। उनके वकील को उम्मीद है कि अदालत उन्हें सजा देते वक्त नरमी दिखाएगी और अमेरिका में उनके आव्रजन दर्जे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अदालत अग्रवाल को एक साल की सजा और 100,000 डॉलर का आर्थिक दंड सुना सकती है।
दोनों को घूस देने और घूस लेने का दोषी करार दिया गया है। अमेरिकी जज पॉल फ्रीडमैन की संघीय अदालत को अब इस मामले में सजा सुनानी है। दोनों के बीच हुए ई-मेल संवाद को पुख्ता सबूत के तौर पर अदालत में पेश किया गया। अमेरिका ने 11 सिंतबर की आतंकवादी घटना के बाद गैर-आव्रजन वीजा को लेकर सख्ती बरतनी शुरू कर दी थी, लेकिन ओ'कीफी ने अपने एक कनिष्ठ की आपत्तियों को खारिज कर अग्रवाल की कंपनी के नाम 21 वीजा जारी करने में हद से ज्यादा तेजी दिखाई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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