भारत का सर्वश्रेष्ठ संसाधन उसकी युवा शक्ति है: मार्टिन लूथर किंग तृतीय
कोलकाता, 27 फरवरी(आईएएनएस)। अपने महान पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए दुनिया भर में अहिंसा की वकालत करने वाले मार्टिन लूथर किंग तृतीय ने भारत की युवा आबादी को उसका सर्वश्रेष्ठ संसाधन करार दिया है।
उन्होंने कहा कि भारत के उत्थान में उसके युवाओं की भूमिका बेहद सराहनीय है। उनका मानना है कि जितना आर्थिक संसाधन किसी राष्ट्र की सुरक्षा पर खर्च किया जाता है, उतना ही संसाधन जन सेवाओं पर भी खर्च किया जाना चाहिए।
उन्होंने यहां अमेरिकन सेंटर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "बच्चे और युवा भारत की सबसे बड़ी संपदा और संसाधन हैं। उनके विकास में ही भारत के विकास की कहानी का सूत्र छिपा है। इन बच्चों और युवाओं को अहिंसा की महत्ता समझाए जाने की जरूरत है। अपने भारत दौरे में मेरी मुलाकात जिन बच्चों से हुई है, वे असाधारण नागरिक बनने की संभावनाओं से लैस नजर आए।"
वह 50 वर्ष पहले मार्टिन लूथर किंग जूनियर की ऐतिहासिक भारत यात्रा की वर्षगांठ के मौके पर 13-26 फरवरी तक भारत के दौरे थे। मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने गांधीवादी सिद्घांतों के अध्ययन के लिए वर्ष 1959 में भारत यात्रा की थी। इस यात्रा ने किंग पर अमिट छाप छोड़ी थी और वह गांधी के पक्के अनुयायी बन गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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