पाक ने कहा कसाब समुद्री रास्ते से नहीं गया, भारत ने दोरंगा बयान बताया (राउंडअप)

भारत ने पाकिस्तान को दी जाने वाले किसी भी तरह की सैन्य सहायता पर भी आपत्ति जताई।

पाकिस्तानी नौसेना प्रमुख एडमिरल नोमान बशीर ने इस्लामाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि कसाब समुद्र के रास्ते गया था।"

इसके तत्काल बाद नई दिल्ली में गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि कल कोई दूसरा व्यक्ति इस बयान का खंडन कर देगा।"

चिदंबरम के साथ संवाददाता सम्मेलन में मौजूद विदेश राज्यमंत्री आनंद शर्मा ने कहा, "पाकिस्तान ने मुंबई हमले पर अक्सर अलग-अलग बयान दिए हैं।"

शर्मा ने कहा, "तरह-तरह के बयानों और दोरंगेपन से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। पाकिस्तानी नेतृत्व को यह सुनिश्चित करना है कि एक जुबान में बात की जाए।"

शर्मा ने आगे कहा, "एक बार जो तथ्य स्वीकार कर लिया जाए, उस पर अंतिम समय तक डटे रहना चाहिए।"

बशीर ने यह भी कहा था कि मुंबई हमला, भारतीय नौसेना की चौकसी में खामी का परिणाम रहा है।

बशीर के इस बयान पर गृह मंत्री चिदंबरम ने कहा, "हमें पाकिस्तानी नौसेना से प्रमाण पत्र या तारीफ नहीं चाहिए।"

गृह मंत्री ने कहा, "मैंने संसद में कहा है कि कुछ चूकें हुई थीं और उन्हें दूर किया जाएगा।"

लेकिन बशीर ने संवाददाताओं के सामने स्वीकार किया कि सरक्रीक पर जारी विवाद के कारण गुजरात तट से लगी अंतर्राष्ट्रीय जल सीमा पर पाकिस्तानी क्षेत्र में निगरानी का काम कठिन है।

उधर, भारत का कहना है कि कसाब सहित नौ अन्य पाकिस्तानी कराची से समुद्र के रास्ते मुंबई पहुंचे थे। भारतीय समुद्र क्षेत्र में पहुंचने के बाद उन्होंने एक ट्रालर को अगवा कर लिया था और उसके बाद एक रबर की नाव के जरिए वे 26 नवंबर 2008 को मुंबई पहुंचे थे।

फिलहाल कसाब मुंबई पुलिस की हिरासत में है।

गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने संवाददाताओं को बताया कि मुंबई हमले के संदर्भ में पाकिस्तान को सौंपे गए सबूतों पर उसकी ओर से पूछे गए सवालों के जवाब देने की तैयारी की जा रही है और जल्द ही उसे जवाब मुहैया करा दिया जाएगा।

चिदंबरम ने शुक्रवार को कहा कि इन सवालों के कई जवाब मुंबई पुलिस द्वारा दायर किए गए आरोप पत्र में मौजूद हैं।

चिदंबरम ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हालांकि मैं कह सकता हूं कि पाकिस्तान को सौंपे गए सबूत अकाट्य हैं, ठोस हैं और तथ्यों पर आधारित हैं।"

गृह मंत्री ने कहा, "कई हफ्तों तक जद्दोजहद के बाद पाकिस्तान यह स्वीकारने को मजबूर हुआ कि आतंकी हमले की साजिश रचने तथा उसे अंजाम देने के लिए उसकी धरती का इस्तेमाल किया गया। वह स्वीकारोक्ति संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की ठोस विदेश नीति व कूटनीति की जीत का एक संकेत था।"

ज्ञात हो कि पाकिस्तान ने भारत द्वारा दिए गए सबूतों के आधार पर 30 सवाल खड़े किए हैं।

चिदंबरम ने कहा, "पाकिस्तान द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब हम तैयार कर रहे हैं, लेकिन इनमें से तमाम प्रश्नों के उत्तर मुंबई पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्र में दे दिए गए हैं।"

गृह मंत्री ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान जांच को अंतिम परिणाम तक पहुंचाएगा और अपराध में शामिल आतंकियों को दंडित करेगा।"

यह पूछे जाने पर कि क्या आरोप पत्र में पाकिस्तानी सेना के किसी एक वर्तमान अधिकारी को भी शामिल किया गया है? गृह मंत्री ने कहा, "इस बारे में हमें नहीं पता। जांच अधिकारी राकेश मारिया ने कहा है कि उन्होंने ऐसे किसी व्यक्ति को उसमें शामिल किया है, लेकिन उसका नाम नहीं पता है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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