पाक पंजाब में नवाज़ समर्थकों के बड़े प्रदर्शन

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और उनके भाई शाहबाज़ शरीफ़ को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य ठहराए जाने के मुद्दे पर पाकिस्तान में विपक्षी राजनीतिक पार्टियाँ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं.
बुधवार को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने नवाज़ शरीफ़ और शाहबाज़ शरीफ़ को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य ठहराए जाने के एक न्यायिक फ़ैसले को उचित क़रार दिया था.
वहीं नवाज़ शरीफ़ के तेवर तीखे हैं और उन्होंने कहा है कि 'इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ क़ौम को उठ खड़ा होना चाहिए.'
नारेबाज़ी, विधायकों का प्रदर्शन
शाहबाज़ शरीफ़ को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित ठहराए जाने के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने पंजाब में दो महीनों के लिए गवर्नर राज लागू कर दिया.
मैं समझता हूँ कि क़ौम को इस कार्रवाई के ख़िलाफ़ उठ खड़ा होना चाहिए. मैं भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि अगर वे हमारा समर्थन करते हैं, तो हम देश में लोकतांत्रिक प्रणाली स्थापित करेंगे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़
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पंजाब में पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर अवरोध खड़े कर दिए हैं और जगह-जगह पर सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करते नज़र आ रहे हैं.
दूसरी ओर नवाज़ शरीफ़ की पार्टी के विधायक पंजाब असेंबली के बाहर धरने पर बैठे हैं. उन्हें असेंबली के अंदर जाने की इजाज़त नहीं दी गई है.
पुलिस ने गुरुवार तड़के ही लाहौर में पंजाब असेंबली की घेराबंदी कर आवाजाही रोक दी थी.
जब नवाज़ शरीफ़ के सैकड़ों समर्थकों ने नारे लगाते हुए असेंबली के भीतर दाख़िल होने की कोशिश की तो सुरक्षा बलों ने असेंबली के गेट को ताला लगा दिया.
पीएमएल (नवाज़) ने पंजाब प्रशासन के अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे 'ग़ैरक़ानूनी और असंवैधानिक' आदेशों का पालन न करें.
'हिंसा में विश्वास नहीं'
इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने संवाददाताओं से कहा, "मैं समझता हूँ कि क़ौम को इस कार्रवाई के ख़िलाफ़ उठ खड़ा होना चाहिए. मैं भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि अगर वे हमारा समर्थन करते हैं, तो हम देश में लोकतांत्रिक प्रणाली स्थापित करेंगे."
उन्होंने कहा, "मैं हिंसा में विश्वास नहीं करता और कोई तोड़फोड़ नहीं चाहता, लेकिन अगर जनता अपने जज़्बात को व्यक्त करना चाहती हैं तो उसे कौन रोक सकता है?"
लाहौर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनवर जमाल ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि पंजाब प्रांत के वकील गुरुवार और शुक्रवार को राज्य में कोर्ट की कार्रवाई का बहिष्कार कर रहे हैं.
दक्षिणपंथी पार्टी जमाअत-ए-इस्लामी के नेता लियाक़त बलोच ने भी वकीलों के प्रदर्शन का समर्थन करने की घोषणा की है.


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