चेन्नई झड़प: सुप्रीम कोर्ट ने समिति बनाई

गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने समिति को अपनी अंतरिम रिपोर्ट दो हफ़्ते के भीतर दाख़िल करने को कहा है.
समिति के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी श्रीकृष्णा बनाए गए हैं.
खंडपीठ ने समिति को निर्देश दिए हैं कि वह मद्रास हाईकोर्ट में पुलिस को दाखिल होने की अनुमति देने वाले पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ तत्काल कार्रवाई करने पर विचार करे जिसके कारण कथित तौर पुलिस ने ज़्यादती की थी.
अदालत ने मामले की जाँच के दौरान चेन्नई के संयुक्त पुलिस आयुक्त और तीन उप पुलिस आयुक्तों का तबादला करने के भी निर्देश दिए हैं ताकि जाँच किसी तरह से प्रभावित न हो.
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि हाईकोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच हुए संघर्ष में क्षतिग्रस्त हुए पुलिस थाने को उसके आदेश के बिना फिर से न बनाया जाए.
खंडपीठ ने कहा है कि अदालत की संपत्ति और वाहनों को हुए नुक़सान और वकीलों को लगी चोट की जाँच के लिए हाईकोर्ट की ओर से बनाई गई दो समितियाँ भी अपनी जाँच करती रहेंगी.
ख़त्म करें हड़ताल
अदालत की संपत्ति और वाहनों को हुए नुक़सान और वकीलों को लगी चोट की जाँच के लिए हाईकोर्ट की ओर से बनाई गई दो समितियाँ भी अपना काम करती रहेंगी सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी से हड़ताल पर चल रहे वकीलों से हड़ताल जल्द से जल्द ख़त्म करने को कहा है.
इस मामले पर अगली सुनवाई अब तीन मार्च को होगी.
चेन्नई में स्थित हाईकोर्ट परिसर में 19 फ़रवरी को वकीलों और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़पों में कई लोग घायल हो गए थे.
हिंसक झड़पें उस समय शुरू हो गई थीं जब पुलिस जनता पार्टी नेता सुब्रमण्यम स्वामी पर हमला करने वाले वकीलों को गिरफ़्तार करने हाईकोर्ट परिसर में पहुँची थी.
सुब्रमण्यम स्वामी हाईकोर्ट में जब किसी मामले की पैरवी करने पहुँचे थे तो वकीलों ने उनपर हमला कर दिया था.
वकील एलटीटीई के विरोध में दिए गए स्वामी के बयान का विरोध कर रहे थे.


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