'ज़्यादा घंटे काम करने से हो सकता है डिमेंशिया'

'ज़्यादा घंटे काम करने से हो सकता है डिमेंशिया'

फ़िनलैंड के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में हुए इस शोध की रिपोर्ट 2214 ब्रितानी सरकारी कर्मचारियों के आकलन के बाद बनाई गई है.

ये पाया गया है कि जो लोग हफ़्ते में 55 घंटे से ज़्यादा काम करते हैं उनकी दिमाग़ी क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ता है.

शोध के मुताबिक ज़्यादा मेहनत करने वाले लोगों को याददाश्त की समस्या से भी जूझना पड़ता है.

प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर मरियाना का कहना है, "ज़्यादा लंबे समय तक काम करने के नुकसान को गंभीरता से लेने की ज़रूरत है."

ये अभी पता नहीं है कि ज़्यादा घंटे काम करने से दिमाग़ पर बुरा असर क्यों पड़ता है. वैसे शोधकर्ताओं का कहना है कि इसकी वजह नींद न आना, अवसाद, ख़राब जीवनशैली और तनाव हो सकता है.

जिन सरकारी कर्मचारियों ने शोध में हिस्सा लिया उनकी दिमाग़ी क्षमता जाँचने के लिए पाँच टेस्ट किए गए- एक बार 1997 और 1999 के बीच और दूसरी बार 2002 और 2004 के बीच.

जिन लोगों ने सबसे ज़्यादा ओवरटाइम किया उनके सबसे कम अंक आए. जितना लंबा हफ़्ता, उतने ख़राब नतीजे.

ऐसे लोगों को नींद भी कम आती है, उन्हें डिप्रेशन भी ज़्यादा होता है और वे लोग आमतौर पर शराब भी ज़्यादा पीते हैं.

शोध से जुड़ी प्रोफ़ेसर मिका किवीमाकी का कहना है, "ये जानना ज़रूरी है कि ये असर कितनी देर के लिए होता है और ज़्यादा घंटों तक काम करने से डिमेंशिया तो नहीं होता."

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+