महँगाई डेढ़ साल के न्यूनतम स्तर पर

सात फ़रवरी को ख़त्म हुए हफ़्ते में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महँगाई की दर 3.91 फ़ीसदी थी. पिछले हफ़्ते के मुक़ाबले महँगाई दर में 0.56 फ़ीसदी की गिरावट आई है.
पिछले कुछ महीने से महँगाई की दर में लगातार गिरावट आ रही है.
दाम गिरे
इस दौरान फलों, सब्ज़ियों, दालों जैसी खाद्य सामग्री के मूल्यों में गिरावट दर्ज की गई है.
फल और सब्ज़ियों की क़ीमत में दो फ़ीसदी, मक्का की क़ीमतों में पाँच फ़ीसदी और जौं में तीन फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई. अंडों और मसालों की क़ीमतों में एक फ़ीसदी की गिरावट आई.
तैयार खाद्य पदार्थों में सरसों के तेल की क़ीमतों में दो फ़ीसदी, नारियल के तेल और सूजी की क़ीमतों में एक फ़ीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.
बाज़ार विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि मार्च के अंत तक महँगाई की वार्षिक दर तीन फ़ीसदी के आसपास रहेगी.
मुखर्जी की सलाह
पिछले साल दिसंबर में ईंधन की क़ीमतों में की गई कटौती के बाद से महँगाई की दर में गिरावट आने का सिलसिला जारी है.
केंद्र सरकार में वित्त मंत्रालय का कामकाज देख रहे प्रणब मुखर्जी ने रिज़र्व बैंक और अन्य बैंकों को सलाई दी है कि वे सेवा कर और उत्पाद शुल्क में कटौती करें ताकि अर्थव्यवस्था में जान फूंकी जा सके.
राज्य सभा में हुई चर्चा में मुखर्जी ने गुरुवार को कहा था, "मैंने भारतीय रिज़र्ब बैंक के गवर्नर के साथ अपनी चिंताओं को साझा किया है. मैंने अन्य बैंकों के प्रतिनिधियों से भी मुलाक़ात की है. मुख्य ब्याज दर अभी भी बहुत अधिक है."


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