चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित शरीफ बंधुओं ने जरदारी पर गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया (राउंडअप)
इस्लामाबाद, 25 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहरा दिया और उनके छोटे भाई तथा पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ का निर्वाचन रद्द घोषित कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले को शरीफ बंधुओं ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की गंदी राजनीति का परिणाम बताया है।
मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ का निर्वाचन रद्द किए जाने के कारण पंजाब की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सरकार गिर गई। वहां राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया।
अदालत के इस निर्णय के विरोध में पूरे पाकिस्तान खासकर पीएमएल-एन के गढ़ पंजाब में विरोध प्रदर्शन आरंभ हो गए। इस फैसले से कराची स्टॉक एक्सचेंज में भी 300 अंकों की गिरावट आई।
सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय न्यायमूर्ति मूसा लेघारी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ के संक्षिप्त मौखिक आदेश के रूप में आया।
सर्वोच्च न्यायालय की खंडपीठ नवाज शरीफ को चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित करने के लाहौर उच्च न्यायालय के एक निर्णय के खिलाफ याचिका की सुनवाई कर रही थी। सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के निर्णय को बरकरार रखा।
शहबाज शरीफ के पंजाब के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद अब प्रांत का नियंत्रण राज्यपाल सलमान तासीर के हाथों में आ गया है।
सर्वोच्च न्यायालय को अभी इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी करना है।
पूरे घटनाक्रम पर नवाज शरीफ ने कहा, "जहां तक शहबाज शरीफ का मामला है, जरदारी ने उन्हें भोजन पर बुलाया और उनके साथ एक सौदा करना चाहा। उसके तहत उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं, बशर्ते कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अब्दुल हमीद डोगर का कार्यकाल बढ़ाने में मदद करे।"
पीएमएल-एन के प्रवक्ता सिद्दिकुल फारुक ने संवाददाताओं से कहा, "हम इन अदालतों को वास्तविक और संवैधानिक न्यायालय नहीं मानते। ये कंगारू अदालतें हैं और हमें इस फैसले की रत्ती भर भी परवाह नहीं .. इसकी कोई कीमत नहीं है।"
एक अन्य पार्टी नेता फारुक राशिद ने कहा कि यह निर्णय अपेक्षित था और देश के लिए बुरा है।
उधर, पंजाब के प्रशासन में भारी फेरबदल की संभावना है, खासकर शहबाज शरीफ सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारियों को हटाने की संभावना है।
शरीफ के वकील अकरम शेख ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी पर इस निर्णय की रूपरेखा तैयार करने का आरोप लगाया है।
फैसले के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि नवाज शरीफ को चुनाव के अयोग्य ठहराने में जरदारी का हाथ था और आज का निर्णय भी उनकी मंशा के अनुरूप है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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