मध्य प्रदेश सरकार कोयला और बिजली की स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करे : उमा भारती
यहां अपने निवास पर गुरूवार को एक संवाददाता सम्मेलन में उमा भारती ने कहा कि प्रदेश में गहराया बिजली संकट मौजूदा प्रदेश सरकार की देन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार केन्द्र पर जरूरत का कोयला आवंटित न करने का आरोप तो लगाए जा रही है मगर अपने हिस्से का कोयला निजी क्षेत्र की खदानों को बेच रही है। यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे प्रदेश के कोयले को किसी भी निजी क्षेत्र को सौपने के खिलाफ सड़क पर उतरने से नहीं हिचकेंगी।
उमा भारती ने खुले तौर पर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया है प्रदेश में बिजली संकट की आड़ में बिजली खरीदी में जमकर घोटाला हो रहा है। इसमें भाजपा और कांग्रेस से नाता रखने वाले प्रशासनिक अधिकारी दलाली खाए जा रहे है। उनके मुताबिक मध्य प्रदेश देश में सबसे महंगी बिजली खरीद रहा है। बिजली खरीदी की जांच हो तो हकीकत सामने आ जाएगी। उन्हें लगता है कि लोकसभा चुनाव के लिए खर्च जुटाने हेतु प्रदेश सरकार बड़े पैमाने पर बिजली खरीद रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कोयला संकट को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की न्याय यात्रा और कोयला सत्याग्रह पर चुटकी ली और कहा कि पदयात्रा से बिजली संकट से नहीं निपटा जा सकता। जरूरत इस बात की है कि केन्द्रीय मंत्रियों को पत्र लिखने की बजाए मुख्यमंत्री दिल्ली में डेरा डालें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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