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'बांग्लादेश और पाकिस्तान के घटनाक्रम, उनका अंदरूनी मामला'

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नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। भारत सरकार ने गुरुवार को पाकिस्तान और बांग्लादेश के घटनाक्रम को उनका अंदरूनी मामला बताते हुए उन पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने संवाददाताओं को बताया, "यह पूरी तरह पाकिस्तान का अंदरूनी मामला है और हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।"

वह पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री एवं पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता नवाज शरीफ तथा उनके भाई और पंजाब सूबे के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने संबंधी फैसले से जुड़े प्रश्न का जवाब दे रहे थे।

सर्वोच्च न्यायालय के इस कदम को पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ाने वाले एक अन्य कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पाकिस्तान आर्थिक मंदी, उग्रवाद और आतंकवाद की समस्याओं से जूझ रहा है।

इतना ही नहीं पाकिस्तान पर इस समय मुंबई हमले में उसके नागरिकों के शामिल होने संबंधी भारतीय आरोपों का जवाब देने के लिए भी अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है।

भारत ने इस संवेदनशील मसले पर आधिकारिक रूप से तो कुछ नहीं कहा हालांकि वह पड़ोसी देश के घटनाक्रम पर पैनी निगाह रखे हुए है।

इसी तरह बांग्लादेश में बांग्लादेश राइफल्स (बीडीआर) के सुरक्षाकर्मियों की बगावत के बाद बने अस्थिर हालात पर भी भारत ने संयमित टिप्पणी करते हुए मसले के सौहार्दपूर्ण हल की उम्मीद जाहिर की है।

प्रवक्ता ने कहा, "यह बांग्लादेश का अंदरूनी मामला है। हमें उम्मीद है कि वे इस मसले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझा लेंगे। जहां तक बांग्लादेश से लगी हमारी सीमाओं का प्रश्न है तो वह इलाका बिल्कुल महफूज है।"

उन्होंने कहा, "दूसरे देशों खासकर पड़ोसी देशों के अंदरूनी मामलों पर टिप्पणी करना हमारी आदत नहीं है।" भारत ने बुधवार को सीमा पर चौकसी बढ़ा दी थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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