'क्यू एंड ए' के हिंदी संस्करण 'कौन बनेगा अरबपति' ने मचाई धूम
अब तक 36 राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में छप चुका यह उपन्यास हिंदी में पहली बार वर्ष 2006 में आया था। इसे राजधानी के प्रभात प्रकाशन ने प्रकाशित किया था।
प्रभात प्रकाशन के निदेशक पीयूष कुमार ने इस संबंध में आईएएनएस को बताया, "हमने पहले इसकी 2,000 प्रतियां छापी थी जो हाथों-हाथ बिक गईं। एक झुग्गी में रहने वाले लड़के की सफलता की दास्तान ने ही हमें इस किताब को हिंदी में छापने के लिए प्रेरित किया।
पीयूष ने बताया, "बीच में एक समय ऐसा आया था जब इसकी बिक्री में आई गिरावट को देखकर ऐसा लगा कि हमें इसे छापना बंद ही करना पड़ेगा लेकिन 'स्लमडॉग मिलियनेयर' फिल्म के आने के बाद इसकी मांग ने जोर पकड़ा है और अब तक इसकी 6,000 प्रतियां बिक चुकी हैं।"
उन्होंने कहा कि फिल्म द्वारा ऑस्कर पुरस्कार समारोह में तहलका (आठ पुरस्कार) मचाने के बाद देश भर से किताब की मांग आ रही है और उन्हें उम्मीद है कि इसकी बिक्री का आंकड़ा 10,000 को पार कर जाएगा।
किताब के हिंदी अनुवाद की प्रामाणिकता पर जोर देते हुए पीयूष ने कहा कि हमने अनुवाद में किताब की मूल भावना का पूरा ध्यान रखा है। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक का अनुवाद करने वाले ऋषि माथुर ने अनुवाद के दौरान विकास स्वरूप के साथ कई लंबे सत्र बिताए ताकि उपन्यास की आत्मा के साथ न्याय किया जा सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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