सोनिया ने मनमोहन, प्रणब की प्रशंसा की, सांसदों से कड़ी मेहनत करने को कहा (लीड-1)
अपना सर्वस्व पार्टी प्रत्याशियों पर लगाने का आग्रह करते हुए सोनिया ने कांग्रेस संसदीय दल से कहा कि हम अक्सर खुद अपने सबसे बड़े शत्रु होते हैं। उन्होंने कहा कि 2009 के चुनावों को अनुशासन और एकजुटता की नई शुरूआत का अग्रदूत बनने दें। यदि पार्टी सत्ता में वापस लौटी तो हम सभी कामयाब होंगे।
अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनजर संसदीय दल की अंतिम बैठक में सोनिया ने आने वाली चुनौती का सामना साहस, आत्मविश्वास और जीत के दृढ़निश्चय के साथ करने को कहा।
उन्होंने कहा कि पराजयवादी मानसिकता कोई मदद नहीं कर सकती। इस संदर्भ में सोनिया ने वर्ष 2004 के आम चुनाव का भी उदाहरण दिया।
गांधी ने सांसदों को याद दिलाया कि आम चुनाव में ध्यान राष्ट्रीय मुद्दों पर तो केंद्रित करना है लेकिन स्थानीय मुद्दों की उपेक्षा भी नहीं करनी है।
बैठक में सोनिया ने कठिन समय में भी सरकार का गरिमामय ढंग से नेतृत्व करने के लिए मनमोहन सिंह की तारीफ की।
सोनिया ने विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी की उनके समर्पण और परिश्रम के लिए प्रशंसा करते हुए कहा कि पार्टी से इतर भी लोग उनके अनुभव का सम्मान करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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