बिहार में वित्त मंत्री ने बजट पेश किया, सड़क निर्माण पर विशेष जोर (लीड-1)
वित्त मंत्री ने कुल 47 हजार 446 करोड़ रुपए का बजट पेश किया जिसमें 28 हजार 20 करोड़ रुपए गैर योजना मद के लिए है। इस बजट में सबसे अधिक जोर सड़क निर्माण पर दिया गया है। सड़क निर्माण के लिए कुल 2565़13 करोड़ खर्च करने की योजना बनाई गई है।
वित्त मंत्री ने बजट में कहा है कि इसके अतिरिक्त ग्रामीण विकास के लिए 1185़ 81 करोड़ रुपए, मानव संसाधन के लिए 1474़ 93 करोड़, जल संसाधन के लिए 1938़ 72 करोड़, शहरी विकास के लिए 1162़ 04 करोड़, ऊर्जा के लिए 922़ 64 करोड़ सहित समाजिक कल्याण के लिए 1263़ 22 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने तथा सूखे फल और मखाना में वैट कम करने का भी बजट में प्रावधान किया गया है। इसके अलावे धान, चावल तथा गेहूं की बिक्री में इंट्री टैक्स हटाने का भी बजट में प्रस्ताव रखा गया है। अब तक इन वस्तुओं पर चार प्रतिशत इंट्री टैक्स लगता था।
मोदी ने अपने बजट भाषण में कहा कि मौजूदा सरकार गठित होने के पूर्व जहां राज्य की अर्थव्यवस्था की विकास दर मात्र तीन से चार प्रतिशत थी वहीं अब घरेलू उत्पाद की विकास दर 5़ 57 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि निर्माण क्षेत्र में घरेलू उत्पाद की दर 21़ 5 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है।
वित्त मंत्री के बजट भाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने सदन में कुसहा तटबंध के टूटने के लिए जिम्मेवार लोगों को बचाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान निर्दलीय समेत विपक्षी दलों के सदस्यों ने कुछ समय तक वेल में आकर नारेबाजी भी की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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