मध्य प्रदेश महिला मोर्चा को सुषमा, शिवराज ने पढ़ाया चुनावी पाठ
उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं से प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और केन्द्र सरकार की नाकामियों को घर घर तक पहुंचाने को कहा।
मध्य प्रदेश का प्रभार मिलने के बाद पहली बार भोपाल पहुंची सुषमा स्वराज के सम्मान में नारी शक्ति सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में प्रदेशभर की महिला कार्यकर्ता पहुंचीं। महिलाओं की भीड़ देखकर सुषमा स्वराज गदगद हो उठीं। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे अपने आप को कमजोर न समझें, क्योंकि उनमें न केवल नेतृत्व करने की क्षमता है बल्कि वे चाहें तो सत्ता भी बदल सकती हैं।
स्वराज ने आगामी लोकसभा चुनाव को देश के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव में सबसे बड़ा काम मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक लाने का होता है। इसके लिए महिलाओं को अपनी पूरी ताकत झोंकनी होगी और कोशिश करनी होगी कि हर महिला अपने मताधिकार का प्रयोग करे।
उन्होंने कहा कि महिला कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे प्रदेश की शिवराज सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का पूरे जोर शोर से प्रचार करें और केन्द्र की प्रदेश व जन विरोधी नीतियों को उजागर करने में भी पीछे न रहें।
इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने भी महिला मोर्चा से विधानसभा चुनाव की तरह ही आगामी लोकसभा चुनाव में भी भाजपा को प्रदेश में जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत लगा देने के लिए तैयार रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के साथ केन्द्र की सरकार लगातार पक्षपात कर रही है और बिजली, कोयला से लेकर गरीबों का भोजन तक छीनने की कोशिश जारी है। इसलिए जरूरी है कि केन्द्र की वर्तमान सरकार को उखाड़ फेंका जाए।
मुख्यमंत्री चौहान ने महिलाओं और लड़कियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि उनकी कोशिश है कि महिलाओं और बहनों के चेहरे पर उदासी और आंसू नजर न आए। इसके लिए सरकार अपने स्तर पर हर संभव प्रयास कर रही है। महिला मोर्चा की जिम्मेदारी है कि वह केन्द्र की भेदभावपूर्ण नीति को आम आदमी तक पहुंचाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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