जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल ने अभिभाषण अधूरा छोड़ा
वोहरा ने जैसे ही संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करना आरंभ किया पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के सदस्य खड़े होकर राज्यपाल से राज्य में मानवाधिकारों के कथित हनन पर स्पष्टीकरण की मांग करने लगे।
सदन में अशांति तब पैदा हुई जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के सदस्य जम्मू क्षेत्र के साथ भेदभाव बंद करने की मांग करने लगे। भाजपा के 11 विधायकों ने 'जम्मू के साथ भेदभाव नहीं चलेगा' के नारे लगाए।
इसकी देखादेखी पीडीपी के विधायक भी अपनी नेता महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में उमर अब्दुल्ला की सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे। वे उन पर राज्य में मानवाधिकारों के उल्लंघन का मूक दर्शक बने रहने का आरोप लगा रहे थे।
उन्होंने सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम को समाप्त करने की भी मांग की।
इस हंगामे के कारण राज्यपाल की आवाज सुनी नहीं जा सकी और अंतत: उन्होंने अपना भाषण अधूरा छोड़ दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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