'बापू के सामान की नीलामी रुकवायें'

उन्होंने मनमोहन सिंह से मांग की है कि वह न्यूयार्क में अगले महीने होने वाली बापू की वस्तुओं की नीलामी रुकवाने के लिए हस्तक्षेप करें।
वर्ष 2002 में कनाडा के में पहले अश्वेत प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रचने वाले दोसांझ ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में मनमोहन सिंह को एक पत्र लिखा है। पत्र में बापू के वस्तुओं के अधिग्रहण का महत्व समझाने के प्रयास किये हैं।
दोसांझ का कहना है कि यही उचित होगा कि भारत सरकार बापू की वस्तुओं का अधिग्रहण कर उन्हें भारत ले जाए। इन चीजों को किसी संग्रहालय में रखा जाना चाहिये, ताकि लोग उन्हें देखें।
गौरतलब है कि आगामी पांच मार्च को न्यूयॉर्क में महात्मा गांधी की चप्पलें, एक जोड़ी चश्मे, पॉकेट घड़ी और एक प्याले और तश्तरी की नीलामी होगी।
उधर भारत में महात्मा गांधी के पौत्र तुषार गांधी ने इन वस्तुओं की कीमत चुकाने के लिए धन जुटाना शुरू कर दिया है। तुषार गांधी ने बापू का सामान भारत लाने के लिए आम भारतीयों से मदद की गुहार लगायी है।
उन्होंने धन जुटाने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा में, 'तुषार गांधी अकाउंट महात्मा गांधी ऑक्शन फंड' नाम से एक अकाउंट खोला है, जिसमें देश के किसी भी कोने से पैसा जमा किया जा सकता है।


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