श्रीलंका ने लिट्टे का संघर्षविराम ठुकराया

प्रस्ताव को ठुकराते हुए श्रीलंका सरकार ने कहा कि लिट्टे बिना शर्त आत्मसमर्पण करे। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर उदय ननायक्करा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि श्रीलंका की सेना ने लिट्टे को मुल्लैतिवु जिले में मात्र 73 वर्ग किलोमीटर के दायरे में समेट दिया है। अब लिट्टे को हर हाल में हथियार डालने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि लिट्टे को आत्मसमर्पण कर देना चाहिए।
ननायक्करा के मुताबिक अब संघर्ष विराम का सवाल ही नहीं उठता। यदि लिट्टे अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर देता है तो स्वत: संघर्ष विराम लागू हो जाएगा।
गौरतलब है कि लिट्टे समर्थक वेबसाइट 'तमिलनेट डॉट कॉम' के माध्यम से लिट्टे ने सोमवार को एक बयान जारी किया, जिसमें उसने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से श्रीलंका में तमिल समस्या का जल्द ही राजनीतिक समाधान ढूंढ़ने का आग्रह किया। साथ ही सशर्त संघर्षविराम का प्रस्ताव रखा।
यह बयान तमिल व्रिदोहियों के राजनीतिक प्रमुख बी नदेसन ने जारी किया। इस संबंध में रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जोस मैनुएल बरासो, संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून, नार्वे के प्रधानमंत्री जेंस स्टोल्टेनबर्ग और जापान के प्रधानमंत्री टारो आसो को एक पत्र भेजा गया।
इस पत्र में नदेसन ने कहा है कि विवाद के राजनीतिक हल के लिए लिट्टे संघर्ष विराम और इसके बाद शांति वार्ता का इच्छुक है।


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