भारत समेत एशियाई बाज़ार भी लुढ़के

अमरीका में न्यूयॉर्क में डाओ जोन्स पिछले 12 साल के न्यूनतम स्तर पर जा पहुँचा और उसके बाद जापान और हांगकांग शेयर बाज़ारों में भी वही रुझान नज़र आया है.
टोक्यो का निक्केई लगभग 2.2 प्रतिशत लुढ़का. टोक्यों के शेयर बाज़ार में ऐसे आंकड़े पिछली बार वर्ष 1982 में नज़र आए थे.
जापान के वित्त मंत्री कोओरो योसानो ने कहा कि सरकार इस पर विचार कर रही है कि यदि शेयर बाज़ार और गिरता है तो वह क्या-क्या कदम उठा सकती है.
हांगकांग के शेयर बाज़ार में लगभग चार प्रतिशत की गिरावट आई है.
सैंसेक्स दोपहर से पहले ही लगभग 224 अंक गिर गया था
सेंसेक्स भी लुढ़का
मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक मंगलवार को शुरुआती कारोबार में ही लगभग 224 अंक गिर गया.
रियल एस्टेट कंपनियों और बैंकों के शेयर धड़ाधड़ बिके हैं. सेंसेक्स की शुरुआत ही 8707 अंकों से हुई थी और भारतीय समयानुसार लगभग ग्यारह बजे तक 224 अंकों की गिरावट आ चुकी थी.
भारत में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ़्टी भी मंगलवार सुबह लगभग 60 अंक गिरा और 2677 तक जा पहुँचा था.
जानकार मान रहे हैं कि ये गिरावट अमरीकी शेयर बाज़ारों में आई गिरावटके कारण है.
हालाँकि पर्यवेक्षकों का मानना है कि अमरीकी शेयर बाज़ार में गिरावट का मुख्य कारण ये है कि निवेशकों को सरकार की वित्तीय प्रणाली में स्थिरता कायम कर पाने की क्षमता पर चिंता है.


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