मुंबई आतंकवादी हमलों की जांच में मददगार बनी एफबीआई
वाशिंगटन, 24 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई के एक एजेंट पिछले साल नवंबर में क्रिकेट मैच खेलने के लिए जोधपुर जाने की तैयारी में थे लेकिन वह वहां जाने के बदले मुंबई में कहर बरपा रहे आतंकवादियों से निपटने में भारतीय सुरक्षाकर्मियों की मदद करने मुंबई जा पहुंचे।
आतंकवादियों से निपटने का प्रयास कर रहे भारतीय अधिकारियों की सहायता के प्रयासों का एफबीआई निदेशक रॉबर्ट एस. मुल्लेर ने विदेशी मामलों से संबद्ध परिषद में सोमवार को भाषण के दौरान पहली बार उल्लेख किया।
एफबीआई के दिल्ली कार्यालय में तैनात विधि प्रतिनिधि स्टीव मेरिल अमेरिकी क्रिकेट टीम की ओर से खेलने के लिए जोधपुर जा रहे थे। तभी उन्हें मुंबई के घटनाक्रम की जानकारी मिली। अचानक क्रिकेट का ख्याल उनके जहन से उतर गया।
मौके पर पहुंचने वाले मैरिल पहले एफबीआई एजेंट थे। उनके पास कपड़े, ब्लैकबेरी और क्रिकेट का सामान था। गोलीबारी और धमाकों के बीच उन्होंने भारतीय खुफिया अधिकारियों से संपर्क बनाया और अपनी त्वरित विकास टीम के आगमन की व्यवस्था की और ताज होटल में फंसे अमेरिकियों को सुरक्षित निकालने में मदद की।
मुल्लेर ने बताया कि मुंबई में एफबीआई की पड़ताल संकट सुलझने से पहले ही शुरू हो गई थी। नई दिल्ली और इस्लामाबाद कार्यालयों में तैनात एफबीआई एजेंट भारत सरकार, सीआईए, विदेश विभाग, एमआई-6 और न्यू स्काटलैंड यार्ड के साथ सुरक्षा बलों के साथ मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि इस भागीदारी से उन्हें अभूतपूर्व प्रमाण और खुफिया जानकारियां मिलीं। एजेंट्स और विश्लेषकों ने एकमात्र जीवित आतंकवादी समेत 60 लोगों से साक्षात्कार किया।
मुल्लेर ने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए हमें खुफिया माध्यमों से समझना होगा। उन्हें पूरी तरह समझ लेने पर हमारे अधिकारी ऐसे व्यक्तियों और नेटवर्क्स के खिलाफ कारगर कदम उठा सकेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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