'नौसेना-कोस्ट गार्ड में समन्वय की कमी से हुआ मुंबई हमला'
रक्षा मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने मंगलवार को संसद पटल पर रखी अपनी 36वीं रिपोर्ट में मुंबई हमले का नाम लिए बगैर कहा, "हाल के दिनों में हुई घटनाओं ने नौसेना व कोस्ट गार्ड के बीच समन्वय के अभाव को उजागर किया है। परिणामस्वरूप इस तरह की राष्ट्रीय त्रासदी सामने आई।"
रिपोर्ट में कहा गया है, "समिति मानती है कि सरकार को इस समय इस मसले की व्यापक तौर पर समीक्षा करनी चाहिए और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से नौसेना और कोस्ट गार्ड के बीच बेहतर समन्वय व संपर्क स्थापित करने वाली प्रभावी क्रियाविधि के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए।"
हालांकि यह निष्कर्ष अपने आप में हास्यास्पद-सा लगता है, क्योंकि प्रतिनियुक्ति पर आए नौसेना के ढेर सारे अधिकारी कोस्ट गार्ड में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वास्तव में वर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल सुरेश मेहता कोस्ट गार्ड के पूर्व महानिदेशक रह चुके हैं।
समिति ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जैसे पद के सृजन को लेकर सकारात्मक विचार व्यक्त किया है। समिति ने कहा है, "सशस्त्र बलों की विभिन्न शाखाओं के बीच आपसी समन्वय सुनिश्चित कराने तथा सरकार को एकीकृत सैन्य परामर्श मुहैया कराने के लिए सीडीएस जरूरी है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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