उलेमा काउंसिल ने यूपीपीसीएस के प्रश्न पर जताया विरोध
हाल ही में गठित उलेमा काउंसिल के संयोजक मौलाना आमिर रशीद मदनी ने मंगलवार को आईएएनएस से कहा कि आजमगढ़ की धरती ने अनेकों मनीषियों को जन्म दिया है और इसे आतंकवाद का गढ़ कहना गलत है।
गत 22 फरवरी को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा कराई गई प्रारंभिक परीक्षा वर्ष 2008-09 के सामान्य अध्ययन के सी प्रश्न पत्र में प्रश्न क्रमांक 126 में पूछा गया था कि प्रदेश के किस जिले को आतंक का गढ़ कहा जाता है।
मदनी ने कहा इससे प्रश्न पत्र बनाने वालों की मानसिकता का पता चलता है। उन्होंने कहा कि उलेमा काउंसिल ने इसका विरोध जताते हुए प्रदेश की राज्यपाल टी.वी.राजेश्वर, मुख्यमंत्री मायावती और मुख्य सचिव अतुल गुप्ता को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एस.आर.लाखा ने इस विषय पर कुछ भी बोलने से इनकार किया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों देश के विभिन्न शहरों में हुए बम विस्फोटों के सिलसिले में आजमगढ़ के 10 से ज्यादा युवकों को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा जिले के दो युवक दिल्ली पुलिस द्वारा बाटला हाउस में की गई मुठभेड़ में मारे गये थे। पुलिस के मुताबिक ये दोनों दिल्ली बम विस्फोटों में शामिल थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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