उच्च न्यायालय ने कोडनानी और पटेल से पूछा, अग्रिम जमानत क्यों न रद्द कर दी जाए
कोडनानी और पटेल पर गुजरात दंगे के दौरान नरौदा पाटिया और नरौदा गाम इलाके में उग्र भीड़ का नेतृत्व करने का आरोप है। इन स्थानों पर दंगे में 106 लोग मारे गए थे।
न्यायाधीश डी.एच.वाघेला ने कहा कि दंगे की जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कोडनानी और पटेल की अग्रिम जमानत के खिलाफ याचिका दायर की है। मामले की अगली सुनवाई दो मार्च को होगी।
कोडनानी और पटेल को सत्र न्यायालय ने पांच फरवरी को अग्रिम जमानत दी थी। जमानत देते हुए न्यायालय ने कहा था कि जिस भीड़ ने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर हमला किया था, उसमें कोडनानी भी शामिल थीं।
कोडनानी के खिलाफ उच्च न्यायालय जाने से पूर्व एसआईटी ने राज्य सरकार से अनुमति ली थी, क्योंकि वह राज्य सरकार में मंत्री हैं।
एसआईटी ने कोडनानी और पटेल के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था और दोनों के बयान भी दर्ज किए थे। जनवरी में दोनों को गिरफ्तार करने का भी प्रयास किया गया, लेकिन एसआईटी को इसमें सफलता नहीं मिली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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