शिवराज लिखेंगे मध्य प्रदेश के केंद्रीय मंत्रियों को खत
न्याय यात्रा के दूसरे दिन पत्रकारों से चर्चा करते हुए चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार मध्य प्रदेश के साथ अन्याय कर रही है। आवंटित कोटे की बिजली काटी जा रही है, कोयले का कोटा कम कर दिया गया है और गरीबों के हिस्से के खाद्यान्न के कोटे को कम किया गया है। वे इन स्थितियों को लेकर प्रदेश के सांसद जो कि केंद्र सरकार का हिस्सा हैं-अर्जुन सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ और कान्तिलाल भूरिया को खत लिखेंगे। इसके पीछे उनका मकसद है कि ये जन प्रतिनिधि भी अपनी जिम्मेदारी को महसूस करें और प्रदेश को उसका हक दिलाए।
रविवार को तमाम समाचार पत्रों में कोयला मंत्रालय द्वारा जारी एक विज्ञापन में चौहान ने रोश जाहिर किया। विज्ञापन में कहा गया है कि कोयला मंत्रालय कोयले की नीलामी करेगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ मध्य प्रदेश को जरूरत का कोयला नहीं दिया जा रहा है तो दूसरी ओर कोयला मंत्रालय कोयले की नीलामी करने पर तुला है। चौहान का सीधा आरोप है कि प्रदेश की तीन ताप बिजली परियोजनाएं कोयले के अभाव में बिजली का पर्याप्त उत्पादन नहीं कर पा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश को 17़10 लाख मेट्रिक टन कोयले की जरूरत है। यह अनुशंसा केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने भी की है, मगर कोल लिंकेज कमेटी वह दे ही नहीं रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखकर 150 से 203 करोड़ की बिजली हर माह खरीद रही है। उन्होंने ऐलान किया है कि कोयला सत्याग्रह के बाद की आगामी रणनीति भी बना सकते है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री चौहान ने 21 फरवरी से दो दिवसीय न्याय यात्रा शुरू की। पहले दिल उन्होंने भोपाल से इटारसी तक का 90 किलोमीटर तक का रास्ता तय किया। इस दैरान हुई सभा में उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर हमले बोले साथ ही प्रदेश के साथ भेदभाव बरतने का भी आरोप लगाया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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