भारत व पाकिस्तान की कश्मीर पर गुप्त बातचीत खटाई में पड़ी !
वाशिंगटन, 22 फरवरी (आईएएनएस)। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत व पाकिस्तान पिछले लगभग तीन वर्षो से कश्मीर को लेकर उच्च स्तरीय गुप्त बातचीत में जुटे रहे हैं, लेकिन इस ऐतिहासिक मसले को लेकर यह बातचीत किसी नतीजे पर पहुंचते-पहुंचते पटरी से उतर गई।
वाशिंगटन पोस्ट ने एक खोजी पत्रकार स्टीव कोल के एक लेख के हवाले से रविवार को लिखा है कि वर्ष 2004 में शुरू की गई यह कोशिश वर्ष 2007 में मंद पड़ गई और समझौते की रही-सही संभावना 26 नवंबर को मुृंबई हमले से और समाप्त हो गई।
कोल लिखते हैं कि समझौते की कोशिश बुनियादी मतभेदों के कारण नहीं विफल हुई, बल्कि पाकिस्तान के नकारात्मक राजनीतिक रवैये के कारण हुई जिसने तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को अलग-थलग कर दिया था। दरअसल, वह इस समझौते को पाकिस्तान में बेचना चाहते थे।
योजना के मुताबिक कश्मीर विवाद को सुलझाने के लिए उसे एक स्वायत्तशासी क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाना था। इसके तहत स्थानीय नागरिक सीमा के दोनों ओर आजादी के साथ आ-जा सकते थे और व्यापार कर सकते थे।
कोल के अनुसार गुप्त बातचीत के लिए विभिन्न देशों के होटलों के कमरों में लगभग दो दर्जन बैठकें आयोजित की गई थीं।
ये बैठकें एक 'गैर कागजी' दस्तावेज तैयार करने के लिए आयोजित की जाती रहीं।
लेख के अनुसार अमेरिका और ब्रिटेन को इन बैठकों के बारे में जानकारी थी और दोनों देशों ने सीमित सहयोग व सलाह देने का प्रस्ताव भी किया था, लेकिन भारत व पाकिस्तान बगैर किसी के सहयोग के अपने झगड़े निपटाना चाहते थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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