प्रणब ने दिया आधारभूत क्षेत्र में निवेश पर जोर (लीड-1)
मुखर्जी ने कहा कि वे मंदी की मार से उबरने के लिए एकमत प्रयास करने के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा, "वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी है। आर्थिक संकट बढ़ रहा है। हम इस संकट की मार से बचने के लिए एकमत प्रयास करना चाहते हैं।"
यद्यपि, उन्होंने कहा कि विश्व के अन्य देशों की तुलना में भारत में स्थिति उतनी खराब नहीं है।
इस समस्या के बारे में मुखर्जी ने कहा, "मैं नहीं मानता हूं कि राष्ट्रीयकरण ही समस्या का एकमात्र समाधान है साथ ही मैं 1990 के घोषणा पत्र से भी सहमत नहीं हूं, जिसमें कहा गया है कि निजीकरण ही सभी समस्याओं का समाधान है।"
उन्होंने कहा, "अब हमें आंतरिक मांग और आपूर्ति में बढ़ोतरी करनी पड़ेगी। हमें इसे पहले करना पड़ेगा। इसके लिए हमें आधारभूत क्षेत्र, गांवों के विकास में निवेश बढ़ाना होगा और अतिरिक्त रोजगार पैदा करने होंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications