मंदी से कश्मीरी कालीन की चमक हुई फीकी
श्रीनगर, 22 फरवरी (आईएएनएस)। वैश्विक आर्थिक मंदी का असर कश्मीर के कालीन उद्योग पर भी देखा जा रहा है। मंदी के कारण कालीन उद्योग से जुड़े 150,000 से अधिक बुनकरों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।
मंदी से कालीन की बिक्री प्रभावित हुई है। कालीन का निर्यात करने वाले अहसान मिर्जा ने आईएएनएस से कहा, "पिछले वर्ष कालीन की कुल बिक्री 5-6 अरब रुपये की हुई थी, लेकिन इस वर्ष हमें भय सता रहा है कि यह आकंड़ा दो अरब रुपये को भी छू पाएगा या नहीं।"
मिर्जा ने कहा कि मंदी से कालीन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घाटी में 30,000 से अधिक कालीन बुनाई लुम्स हैं, जिसमें 150,000 से अधिक बुनकर जुड़े हैं।
मिर्जा ने कहा कि देश के विभिन्न शहरों में कश्मीरी कालीन के 300 से 400 शोरुम हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक मंदी और मुंबई हमलों के बाद कालीन की बिक्री पर बुरा असर पड़ा है।
बुनकरों के अलावा लगभग 25,000 लोग भी कालीन उद्योग से जुड़े हैं, जिनके आय का श्रोत यही उद्योग है। मिर्जा ने कहा कि मंदी का दौर यदि आगे भी जारी रहता है तो स्थिति और भी खराब हो सकती है।
मिर्जा ने सरकार से कालीन उद्योग की सहायता करने की मांग की। उन्होंने कहा, "कालीन उद्योग को सहायता पहुंचाने का यह उपयुक्त समय है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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