बापू से जुड़ी वस्तुओं की नीलामी पर सरकार से हस्तक्षेप की मांग
गांधी स्मारक निधि के अध्यक्ष रवींद्र उपाध्याय, सचिव रामचंद्र राही, गांधी शांति प्रतिष्ठान के सचिव सुरेंद्र कुमार, अवार्ड के अध्यक्ष प्यारे मोहन त्रिपाठी व गांधी मार्ग के संपादक अनुपम मिश्र की ओर से शनिवार को संयुक्त रूप से जारी एक बयान में कहा गया कि बापू से जुड़ी वस्तुओं की नीलामी की यह खबर गांधीवादियों के लिए आहत करने वाली है।
बयान में कहा गया कि गांधी के विचार पूरी दुनिया के लिए आदर्श हैं। उनसे जुड़ी वस्तुएं सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए धरोहर हैं। ऐसे में कम से कम भारत सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप कर उन वस्तुओं को भारत लाकर किसी राष्ट्रीय संग्रहालय में संरक्षित कर देना चाहिए।
ज्ञात हो कि आगामी पांच मार्च को बापू द्वारा इस्तेमाल किए गए चश्मे, चप्पल, कटोरे आदि सामानों की न्यूयार्क में नीलामी की जानी है।
उधर महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने इन वस्तुओं को भारत लाने के लिए सरकार से निवेदन करने के बदले जनता से निवेदन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए राशि जुटाने हेतु उन्होंने जनता के बीच भिक्षाटन शुरू कर दिया है। उन्होंने इसके लिए बैंक ऑफ बड़ौदा में एक खाता भी खोल दिया है।
बहरहाल, इन सामानों के लिए 1.50 करोड़ रुपये की बोली लगाए जाने की संभावना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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