हिंसा रोकने के लिए तमिलनाडु में गोली मारने का आदेश (लीड-1)
इस बीच पुलिस और वकीलों के बीच तीन दिनों तक हुई झड़प के बाद यहां के उच्च न्यायालय परिसर की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है।
मद्रास उच्च न्यायालय के कर्मचारियों ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें अदालत परिसर में जाने से रोका और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें अदालत परिसर में जाने दिया गया।
पुलिस महानिदेश के. पी. जैन ने शनिवार को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए। राज्य से छिटपुट हिंसा की खबरें हैं।
मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने अस्पताल से जारी एक बयान में कहा कि राज्य में पिछले तीन दिनों से जारी हिंसा विपक्ष की उनकी सरकार को अस्थिर करने की साजिश है।
राज्य भर में गुरुवार से ही हिसा पर उतारू 300 वकीलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
राज्य में प्रदर्शनकारी सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के साथ कई वाहनों को आग के हवाले कर चुके हैं।
इसी बीच हिंसा पर काबू पाने में नाकाम रहने के कारण आठ पुलिस अधीक्षकों और एक संयुक्त पुलिस आयुक्त का तबादला किया गया है। शुक्रवार को 200 से अधिक वकीलों को गिरफ्तार किया गया था।
जैन ने कहा कि उच्च न्यायालय और विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।
तमिल फिल्मों के निर्देशक सीमन को भी पुलिस ने हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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