केन्द्र के खिलाफ शिवराज ने शुरू की 'न्याय यात्रा'
भारतीय जनता पाटी्र के प्रदेश कार्यालय में न्याय यात्रा शुरू करने से पहले मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार पर जमकर हमला बोला। मध्य प्रदेश की बिजली समस्या के लिए चौहान ने सीधे तौर पर केन्द्र को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि केन्द्र से मिलने वाली बिजली में 382 मेगावाट की कटौती की गई है। साथ ही तीन ताप बिजली घरों के लिए जरूरी कोयला भी नहीं दिया जा रहा है। यही वजह है कि उन्हें मजबूरी में न्याय यात्रा पर निकलना पड़ रहा है।
प्रदेश में बिजली की स्थिति का ब्यौरा देते हुए उन्होंने बताया कि इस वर्ष कम वर्षा होने के कारण बांधों में पानी कम है जिससे जल आधारित बिजली का उत्पादन काफी घट गया है। एक तरफ जल आधारित विद्युत परियोजनाओं में उत्पादन गड़बड़ा चुका है दूसरी ओर ताप बिजलीघरों के लिए कोयला नहीं मिल रहा है। इस स्थिति में प्रदेश में बिजली संकट गहराने के पूरे आसार बन गए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह प्रधानमंत्री तक से प्रदेश को कोयला देने की गुहार कर चुके है, मगर उसे लगातार अनसुना किया जा रहा है। यही हाल प्रदेश के गरीबों के लिए आवंटित किए जाने वाले खाद्यान्न कोटे और इंदिरा आवासों का है।
मुख्यमंत्री की पहले दिन मंडीदीप, औबेदुल्लागंज, बुधनी, होशंगाबाद और इटारसी में जन सभाएं है। उनका रात्रि विश्राम इटारसी में होगा। 22 फरवरी को शाहपुर, चौपल और सारणी में जनसभाएं होंगी। इसके बाद मुख्यमंत्री सारणी बिजलीघर से कोयला खदान पाथाखेड़ा तक पदयात्रा करेंगे और वहां पर हाथ में कोयला उठाकर सत्याग्रह करेंगे।
मुख्यमंत्री की न्याय यात्रा की शुरुआत के मौके पर पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नरेन्द्रसिंह तोमर ने केन्द्र सरकार पर मध्य प्रदेश की साढ़े छह करोड़ की जनता के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री सहित प्रदेश की पूरी सरकार को एक दिन का उपवास रखना पड़ा था और अब केन्द्र की उपेक्षापूर्ण नीति के खिलाफ मुख्यमंत्री को 'न्याय यात्रा' करना पड़ रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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