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'अफ़ग़ानिस्तान में विफल नहीं होंगे'

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'अफ़ग़ानिस्तान में विफल नहीं होंगे'

पोलेंड के क्राको में नैटो और साझेदार देशों के रक्षा मंत्रियों की एक बैठक में उन्होंने कहा, "हम अफ़ग़ानिस्तान में विफलता नहीं झेल सकते."

उनका कहना था कि सैन्य प्रयासों के साथ-साथ पुनर्निर्माण और विकास कार्य भी चलते रहने चाहिए.

उन्होंने कहा, "हमें इस धोखे में नहीं रहना चाहिए कि हमारे पास सिर्फ़ सैन्य उपाय हैं."

इस बीच संयुक्त राष्ट्र के रक्षा सचिव रॉबर्ट गेट्स ने कहा कि किर्गिस्तान स्थित रणनीतिक एयर बेस को इस्तेमाल करते रहने के लिए अमरीका ज़्यादा धनराशि देने के लिए विचार करेगा, जो अफ़ग़ानिस्तान में उसकी कार्रवाइयों का प्रमुख केंद्र है.

क्रेको में चल रही बातचीत मुख्य रुप से इसी ख़बर पर केंद्रित रही कि किर्गिस्तान की संसद ने एयर बेस को बंद करने के लिए मतदान किया है.

अतिरिक्त सैनिक

शेफ़र ने मानवीय सहायता और साझा प्रयासों पर ज़ोर दिया है

अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के फिर उभरने से चिंतित अमरीका ने घोषणा की है कि वह 17 हज़ार सैनिक वहाँ और भेजेगा और नैटो देशों से भी देश में अगस्त में होने वाले आम चुनाव से पहले ही और सेना भेजने का अनुरोध करेगा.

नैटो महासचिव ने कहा, "क्षेत्र की अस्थिरता ने इसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के लिए स्वर्ग बना दिया है और इसके कारण अफ़ग़ान नागरिक को प्रताड़ित होना पड़ रहा है. इस स्थिति को स्वीकार नहीं किया जा सकता."

शेफ़र ने कहा कि इसाफ़ (अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल) में भागीदार देशों को ज़्यादा से ज़्यादा जुड़कर काम करने की ज़रूरत है.

उन्होंने पत्रकारों से कहा, "इसाफ़ देशों को ज़्यादा सुरक्षा बल और ज़्यादा प्रशिक्षक उपलब्ध कराने चाहिए."

उन्होंने कहा, "हमें क्षेत्रीय स्तर पर साझा प्रयास करने चाहिए क्योंकि अफ़ग़ानिस्तान कोई द्वीप नहीं है. हमें नागरिक मदद की ज़्यादा ज़रूरत है जो हमारे सैन्य कार्रवाइयों के साथ मिलकर ज़्यादा कारगर साबित होगी. हमें क़ीमती समय और संसाधनों को बर्बाद नहीं करना चाहिए."

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