जयललिता ने कांग्रेस की ओर बढ़ाया हाथ

जयललिता ने कांग्रेस को करुणानिधि सरकार से समर्थन वापस लेने की भी सलाह दी है.
लोकसभा चुनाव के कुछ दिनों पहले जयललिता ने कांग्रेस के साथ अपनी पुरानी दोस्ती को याद किया है.
जयललिता ने यह प्रस्ताव ऐसे समय में किया है जब वे वामपंथी दलों के साथ चुनाव लड़ने के लिए हामी भर चुकी हैं और वामपंथियों के संबंध कांग्रेस के साथ बिगड़ चुके हैं.
कांग्रेस ने जयललिता के प्रस्ताव पर कहा है कि डीएमके के साथ कांग्रेस का गठबंधन मज़बूत है और वह तमिलनाडु में और कोई गठबंधन नहीं करने जा रही है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार चेन्नई में एक समारोह में जयललिता ने कहा, "डीएमके बलुई दलदल में फँस गई है और अब उसे कोई नहीं बचा सकता. उसे जो भी बचाने जाएगा वह ख़ुद भी इस दलदल में फँस जाएगा."
उन्होंने कहा, "कांग्रेस को डीएमके के जाल से बाहर आ जाना चाहिए."
जयललिता का कहना था कि वे कांग्रेस को ये सलाह इसलिए दे रही हैं क्योंकि यदि उसे सम्मानजनक ढंग से चुनाव लड़ना हो तो यह एक विकल्प है.
उनका कहना था कि इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के साथ उनके अच्छे संबंध रहे हैं और इसीलिए वे यह सुझाव दे रही हैं.
हालांकि उन्होंने सोनिया गांधी का उल्लेख नहीं किया जो इस समय कांग्रेस की अध्यक्ष हैं.


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