मंदी के बावजूद भारत का भविष्य बेहतर

प्रोफेशनल सर्विसेज की कंपनी प्राइस वाटर हाऊस कूपर्स (पीडब्ल्यूसी) ने अपनी एक अध्ययन रिपोर्ट में कहा है कि भारत में इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनियों के लिए बेहतर भविष्य है। वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद भारत 7 से 7.5 फीसदी की रफ्तार से विकास करेगा।
बुधवार को यहां जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल अगले तीन सालों में भारत के आधारभूत क्षेत्र में 500 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत है, जो इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनियों के लिए एक शानदार मौका है।
रिपोर्ट में यह भी चेताया गया है कि जो विदेशी कंपनियां इस मौके के बारे में नहीं जानती है वह आने वाले समय में दुनिया की एक सबसे तेजी से विकास कर रही अर्थव्यवस्था में पांव जमाने में विफल साबित होंगी।
नियमों को उदार बनाए जाने और भारत सरकार द्वारा आधारभूत क्षेत्र के विकास व प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदम विदेशी इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनियों के लिए मौका है।
पीडब्ल्यूसी के मुताबिक 2050 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी।


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