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हिंसक झड़प की सीबीआई जाँच के आदेश

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हिंसक झड़प की सीबीआई जाँच के आदेश

हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश एसजे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाले एक पीठ ने सीबीआई जाँच का आदेश जारी करने के साथ यह भी कहा है कि तमिलनाडु और पांडिचेरी की सभी अदालतें और ट्राइब्यूनल शुक्रवार को बंद रखे जाएँ.

दूसरी ओर इस हिंसक झड़प को लेकर शुक्रवार को तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष ने भारी हंगामा किया है. एआईडीएमके और पीएमके के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट भी किया.

उल्लेखनीय है कि जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी पर हमले के आरोप में एक वकील की कथित गिरफ़्तारी के विरोध में वकीलों ने हंगामा शुरु किया था.

इसके बाद पुलिस के साथ हुई हिंसक झड़प में सौ से अधिक लोग घायल हो गए, जिसमें एक न्यायाधीश, कई वकील, पुलिसकर्मी और पत्रकार शामिल हैं.

इससे पहले हाईकोर्ट के पास एक पुलिस थाने को आग लगा दी गई थी.

आदेश

पुलिस ने अदालत परिसर में घुसकर वकीलों की पिटाई की

हाईकोर्ट में कुछ वकीलों ने एक जनहित याचिका लगाकर गुरुवार को हुई हिंसक झड़प की सीबीआई जाँच करवाने की अपील की थी.

हाईकोर्ट ने इस पर राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए पूछा था कि इस पर उसकी क्या राय है. और जब सरकार की ओर से कहा गया कि उसे सीबीआई जाँच पर कोई आपत्ति नहीं है, हाईकोर्ट ने सीबीआई जाँच के आदेश दे दिए.

इसके अतिरिक्त हाईकोर्ट ने तीन समितियों का गठन किया है जो इन झड़पों से हुए नुक़सान आदि के संबंध में जाँच करके अपनी रिपोर्ट देंगीं.

इससे पहले हाईकोर्ट के पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव, गृहसचिव, पुलिस महानिदेशक और चेन्नई के पुलिस कमिश्नर को अदालत में बुलाकर पूछताछ की थी.

हाईकोर्ट ने अदालत परिसर में बिना इजाज़त के पुलिस के प्रवेश को लेकर भी सवाल पूछे हैं.

विधानसभा में हंगामा

उधर तमिलनाडु विधानसभा में सदन की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के साथ शुरु हुई.

विपक्षियों ने प्रश्नकाल स्थगित करके गुरुवार को हुई हिंसक झड़प पर चर्चा करवाने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया.

जब विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल स्थगित करने से इनकार करते हुए प्रश्नकाल के बाद इस मसले पर चर्चा करवाने की बात कही तो विपक्षी सदस्य नारे लगाने लगे.

और एआईडीएमके और पीएमके के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया जबकि सीपीआई और सीपीएम के सदस्य सदन में ही डीएमके सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाते रहे.

मामला

पुलिस का कहना है कि वकील पहले हिंसक हुए थे

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में स्थिति उस समय नियंत्रण से बाहर हो गई जब जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी पर हमला करने वाले वकीलों को पकड़ने के लिए पुलिस हाईकोर्ट परिसर में पहुँची.

सुब्रमण्यम स्वामी पर मंगलवार को उस समय वकीलों ने हमला कर दिया था जब वो हाई कोर्ट में किसी मामले की पैरवी कर रहे थे.

श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ जारी लड़ाई के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे वकील सुब्रमण्यम स्वामी के उस बयान से नाराज़ थे जिसमें उन्होंने एलटीटीई का विरोध किया था.

चेन्नई में तैनात एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया था कि वकीलों के हिंसक होने और पुलिस थाने में आग लगा देने के बाद पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी.

पुलिस और वकीलों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक न्यायाधीश, कई वकील, पुलिसकर्मी और पत्रकार घायल हो गए थे.

सुप्रीम कोर्ट ने भी गुरुवार को मद्रास हाई कोर्ट के वकीलों के व्यवहार पर नाराज़गी जताई थी.

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