सीबीआई ने राजू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, जांच दल गठित (लीड-2)
सीबीआई ने इस मामले की जांच के लिए बहुआयामी जांच टीम (एमडीआईटी) का गठन किया है जिसमें सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही चार्टर्ड एकाउंटेंट को शामिल किया है।
सीबीआई ने भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक षडयंत्र), 409 (विश्वास भंग करना), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी), 471 (दस्तावेजों के साथ जालसाजी), 477ए (लेखा में जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया है।
सीबीआई के आधिकारिक बयान में शुक्रवार को कहा गया, "सीबीआई ने सत्यम कंप्यूटर सर्विसिज लिमिटेड के तत्कालीन चेयरमैन बी. रामलिंगा राजू, कंपनी के निदेशक एवं आडिटर और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसके साथ ही सीबीआई ने आंध्र प्रदेश सीबी-सीआईडी से जांच का जिम्मा ले लिया है।"
बयान में कहा गया, "एमडीआईटी का नेतृत्व हैदराबाद में सीबीआई के उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) वी.वी. लक्ष्मीनारायण करेंगे। इस जांच टीम का मुख्यालय हैदराबाद में होगा। हैदराबाद सीबीआई में नियुक्त पुलिस अधीक्षक (एसपी) इस मामले के मुख्य जांच अधिकारी होंगे।"
बयान में कहा गया, "इन अधिकारियों के अलावा एमडीआईटी में बैंक प्रतिभूति एवं धोखाधड़ी शाखा के पुलिस अधीक्षक, स्टेट बैंक आफ इंडिया के एजीएम (सीबीआई में टेक्नीकल अफसर) के अलावा सीबीआई के 11 अन्य अधिकारी शामिल होंगे।"
बयान में कहा गया, "इंस्टीट्यूट्स आफ चार्टर्ड एकाउंट्स आफ इंडिया (आईसीएआई) पांच अनुभवी चार्टर्ड एकाउंट्स के नाम सुझाएगी जो इस टीम के हिस्सा होंगे। कॉस्ट और वर्क्स एकाउंटेंट्स आफ इंडिया (आईसीडब्ल्यूएआई) ने भी इस टीम के लिए अपने दो अधिकारियों को नामित करने पर सहमति दी है। "
केंद्रीय सचिवालय ने इस मामले की जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
बयान में कहा गया है कि आंध्र प्रदेश राजस्व विभाग ने इस मामले से जुड़े पक्षों के लिए अपने एक अधिकारी को नामित किया है। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने इस मामले की जांच में सीबीआई को हरसंभव सहयोग देने का आदेश दिया है।
उल्लेखनीय है कि रामलिंगा राजू ने 7 जनवरी को कंपनी में धोखाधड़ी की बात स्वीकार की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications