अमेरिकी हवाई पट्टी बंद होने से अफगानिस्तान में आपूर्ति पर कोई असर नहीं : नाटो
नाटो के प्रवक्ता जेम्स अप्पाथुरई ने कहा कि किर्गिस्तान में स्थित मानस हवाई पट्टी का इस्तेमाल अमेरिका व नाटो के अन्य सहयोगियों द्वारा किया जा रहा था, न कि नाटो द्वारा। लिहाजा नाटो पर इसका सीधा असर नहीं पड़ने वाला।
प्रवक्ता ने कहा कि नाटो व इसके सहयोगियों के लिए आपूर्ति के तमाम रास्ते हैं।
अप्पाथुरई ने नाटो के रक्षा मंत्रियों की एक अनौपचारिक बैठक में कहा कि अफगानिस्तान में नाटो सैनिकों के लिए लगभग 80 प्रतिशत आपूर्ति पाकिस्तान के रास्ते की जाती है और यह रास्ता पूरी तरह खुला हुआ है।
उन्होंने कहा, "वैसे यह एक खेदजनक निर्णय है और इससे गठबंधन देशों को असुविधा होगी। लेकिन हम निश्चित रूप से इससे उबर जाएंगे।"
ज्ञात हो कि किर्गिस्तान की संसद ने गुरुवार को मानस हवाई पट्टी के इस्तेमाल के लिए अमेरिका के साथ किए गए समझौते को निरस्त करने के पक्ष में मतदान किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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