मप्र में शमीम मोदी की गिरफ्तारी का विरोध

गौरतलब है कि 10 फरवरी को सामाजिक कार्यकर्ता शमीम मोदी को दो साल पुराने एक मामले में हरदा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जन संगठनों ने शुक्रवार को फूलवती नाम की उस आदिवासी महिला को भी पत्रकारों के सामने प्रस्तुत किया जिसके अपहरण का आरोप भी शमीम मोदी पर है। समाजवादी जनपरिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील कुमार का कहना है कि शमीम मोदी एक ऐसी महिला कार्यकर्ता है जिन्होंने हरदा में मजदूरों, हम्मालों, आदिवासियों और दलितों के हितों के लिए संघर्ष किया है। इसी संघर्ष से नाराज प्रशासन और नेताओं ने साजिश रचकर उन्हें जेल पहुंचा दिया।

कुमार बताते हैं कि हरदा जिले की आरा मिलों में काम करने वाले मजदूर को न्यूनतम मजदूरी के भुगतान, काम के घंटों का निर्धारण, दुर्घटना का मुआवजा, भविष्य निधि का प्रावधान आदि सुविधाएं दिए जाने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन का शमीम मोदी नेतृत्व कर रहीं थी। उद्योगपति और व्यापारी इस आंदोलन को हर कीमत पर तोड़ना चाहते थे और उन्हीं के इशारे पर प्रशासन ने शमीम मोदी पर संगीन धाराएं लगाकर जेल भेज दिया। शमीम मोदी को दो साल पहले हरदा जिले के ढेंगा गांव में हुई एक घटना में आरोपी बनाया गया है।

जन संगठनों के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मोदी पर फूलवती के अपहरण का भी मामला दर्ज किया गया है। पत्रकारों को फूलवती ने बताया कि शमीम ने तो उनकी मदद ही की थी क्योंकि एक वन अधिकारी ने गांव में आकर उत्पात मचाया था। प्रशासन ने उस वन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए मोदी को ही आरोपी बना दिया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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