नेतनयाहू के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ़

दक्षिणपंथी लिकुद पार्टी को समान विचारधारा वाली पार्टी इसराइल बिएतएनु का समर्थन मिल गया है, इसराइल में हुए आम चुनाव में किसी एक दल को बहुमत नहीं मिल पाया है जिसके बाद दोनों पार्टियों ने गठबंधन बनाया है.
एविग्दोर लिबरमैन के नेतृत्व वाली इसराइल बिएतएनु पार्टी को 10 फ़रवरी को हुए चुनाव में ख़ासी सफलता मिली है और वह 'किंगमेकर' की भूमिका में आ गई है.
अब इस बात की संभावना है कि बिनयामिन नेतनयाहू को इसराइली राष्ट्रपति सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे.
इसराइल बिएतएनु पार्टी के समर्थन के बाद 120 सदस्यों वाली संसद में सत्ताधारी गठबंधन के पास 65 सदस्यों का समर्थन हासिल होगा.
राष्ट्रपति शिमोन पेरेज़ ने बुधवार से ही राजनीतिक पार्टियों के साथ बैठकों का दौर शुरू कर दिया है ताकि सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा सके.
चुनाव परिणाम कुल सीटें--120 कदीमा पार्टी--28 लिकुद पार्टी--27 इसराइल बिएतएनु--15 लेबर पार्टी--13 शास पार्टी--11 अन्य--5
कदीमा पार्टी के नेता ज़िपी लिवनी की मध्यमार्गी कदीमा पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है और उसे लिकुद पार्टी से एक सीट अधिक मिली है.
राष्ट्रपति की ओर से सरकार बनाने का निमंत्रण मिलने के बाद नेतनयाहू के पास बहुमत साबित करने के लिए छह सप्ताह का समय होगा.
इसराइली सेना के रेडियो ने बताया है कि लिबरमैन की पार्टी ने राष्ट्रपति को बता दिया है कि "व्यापक आधार वाली सरकार" के गठन के लिए लिकुद पार्टी को समर्थन देने को तैयार हैं.
लिवनी की कदीमा पार्टी ने लिकुद पार्टी के साथ सत्ता में साझीदारी का प्रस्ताव रखा था लेकिन उस पर कोई समझौता नहीं हो सका.
इसराइली व्यवस्था के तहत अगर किसी एक पार्टी को बहुमत हासिल नहीं होता तो उस गठबंधन को सरकार बनाने का मौका मिलता है जो टिकाऊ सरकार का गठन कर सके.
इसराइली राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा है कि रविवार या सोमवार को शिमोन पेरेज़ अपने निर्णय की घोषणा करेंगे.
जब तक नई सरकार नहीं बन जाती यहूद ओल्मर्ट कार्यकारी प्रधानमंत्री के तौर पर काम करते रहेंगे.


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