महँगाई 14 महीने के न्यूनतम स्तर पर

पिछले चार सप्ताह से महंगाई की दर में लगातार गिरावट देखी जा रही है.
इस साल सात फ़रवरी को ख़त्म हुए हफ़्ते में महँगाई की दर 3.92 प्रतिशत रह गई थी, जबकि पिछले वर्ष इसी सप्ताह में महंगाई की दर 4.98 प्रतिशत थी.
सभी सामानों के अस्थायी थोक मूल्य सूचकांक में 0.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
वजह
पेट्रोल, डीज़ल और खाना पकाने की गैस की क़ीमत में पिछले महीने की गई कमी के साथ अच्छी फ़सल के कारण खाद्य पदार्थों के थोक मूल्यों में गिरावाट आई है.
प्रमुख रूप से कपास और चमड़े की क़ीमतों में आई गिरावट के कारण भी मुद्रा स्फ़ीति की दर में कमी आई है.
तैयार उत्पादों की माँग में कमी और फल और सब्ज़ियों की क़ीमतों में कमी आई है.
मौजूदा गिरावट को देखते हुए अर्थशास्त्रियों की राय है कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक महँगाई की दर में दो प्रतिशत की और गिरावट आ सकती है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार आईसीआईसीआई बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केवी कामथ का कहना है कि अगर मुद्रास्फीति में दो प्रतिशत तक की और गिरावट आती है तो ब्याज दरों में कमी करने के रास्ते खुल सकते हैं.
बुधवार को टोक्यो में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा था कि निश्चित तौर पर ब्याज दरों में कटौती के रास्ते हैं.


Click it and Unblock the Notifications