जल और विद्युत परामर्शी सेवाएं प्रतिस्पर्धी होनी चाहिए : प्रो़ सोज
सोज गुरुवार को यहां जल एवं विद्युत परामर्शी सेवा के कार्यकलाप विषय पर जल संसाधन मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
कंपनी का कारोबार वर्ष 2003-04 में 41.़22 करोड़ रुपये से बढ़कर 2007-08 में 160़.05 करोड़ रुपये हो गया, जो 288 प्रतिशत की वृद्घि दर्शाता है, जबकि कारोबार में उसी अवधि में 298 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हुए 63.10 करोड़ रुपये से 251 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
मंत्री जानकारी दी कि यह वर्षो से भूटान में स्थापित पनबिजली परियोजनाओं जैसे ताल हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना, चुखा हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना आदि के लिए उत्तम परामर्शी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। इसके साथ ही अफगानिस्तान में सलमा बांध परियोजना को कार्यान्वित कर रही है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में कंपनी ने कम्बोडिया में जल संसाधन और संचार लाइनों के क्षेत्र में प्रतिष्ठित परियोजना का कार्य प्राप्त किया है। आगे आने वाले वर्षो में इसका स्तर अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त परामर्शी संगठन के रूप में इसके बेहतर भविष्य के लिए फायदेमंद है।
जल एवं विद्युत परामर्शी सेवा लिमिटेड अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों जैसे विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक, अफ्रीकन-अरब बैंक, खाद्य एवं षि संगठन (एफएओ), कृषि विकास हेतु अन्तर्राष्ट्रीय कोष, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ),ोरतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग(आईटीईसी) कार्यक्रम, और अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग हेतु जापान बैंक (जेबीआईसी) के साथ पंजीकरण में परामर्शी सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
इस अवसर पर जल एवं विद्युत परामर्शी सेवा लिमिटेड के प्रमुख प्रबंध निदेशक डी. दत्ता द्वारा जल एवं विद्युत परामर्शी सेवा लिमिटेड के कार्यकलाप पर एक प्रस्तुतीकरण भी किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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